CID का फुल फॉर्म क्या है?

आज आप इस आर्टिकल में जानेंगे कि CID Ka Full Form क्या है? दोस्तो इस पोस्ट में हम आपको CID के बारे में बहुत सी जानकारी बताएंगे जो आपको पहले से शायद ही पता होगी। आज हम आपको सीआईडी का पूरा नाम के साथ- साथ ये भी बताएंगे कि सीआईडी कैसे काम करती है, सीआईडी की स्थापना कब हुई थी, सीआईडी का मुख्यालय कहा स्थित है और सीआईडी ऑफिसर कैसे बने उसके लिए आपने क्या योग्यता होनी चाहिए।

भारत मे जितनी तेज़ी से जनसँख्या बढ़ रही हैं उतने ही ज्यादा अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। आप रोज़ अखबार और न्यूज़ चैनल मे हत्या, लूटपाट, बलात्कार, भ्रष्टाचार जैसे मामले सुनते ही होंगे। इन अपराधो को रोकने के लिए कई तरह के कानूनों की व्यवस्था की गई है। बता दे अपराधो के हिसाब से पुलिस में डिपार्टमेंट बनाए गए है। इस डिपार्टमेंट में CID का भी पद होता है जिसे प्रमुख रूप से प्रदेश के अन्तर्गत घटनाओ की जाँच राज्य सरकार या हाई कोर्ट के आदेश पर सौंपा जाता है। आइए जानते हैं कि CID Ka Full Form क्या है।

CID का फुल फॉर्म

आपको बता दे कि CID का फुल फॉर्म Crime Investigation Department होता है यह एक ऐसी जांच एजेंसी है जो केवल राज्य स्तर के अपराधिक मामलों की जाँच करती है, यानी राज्य में किसी भी जगह जो भी दंगे, हत्या, अपहरण, चोरी के मामले होते हैं उनकी जांच की जिम्मेदारी CID की होती है।

सीआईडी कैसे काम करती है

CID एक राज्य में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग होता है। इस खुफिया विभाग में काम करने वाले लगभग सभी सदस्य कोई विशेष Uniform ना पहन कर सामान्य वस्त्र पहनकर ही हर एक मामले को सुलझाते है, क्योंकि ऐसा करने से वे किसी की पहचान में न आ सके और आसानी से किसी भी तरह के Crime का पर्दाफाश कर सके।

आपको बता दे कि हर राज्य की अलग अलग सीआईडी जांच एजेंसी होती है CID के जिनके संचालन का अधिकार राज्य की सरकार या राज्य के हाई कोर्ट के पास होता है। राज्य सरकार या फिर हाई कोर्ट राज्य के किसी अपराधिक मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपती है। इस विभाग का नेतृत्व Additional Director General of Police (ADGP) करते है।

CID की स्थापना

सीआईडी की स्थापना ब्रिटिश सरकार द्वारा 1902 में पुलिस आयोग की सिफारिश पर की गई थी। इसे देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए गठित किया गया था। इस विभाग का नेतृत्व Additional Director General of Police (ADGP) करते है।

सीआईडी का मुख्यालय

CID का मुख्यालय राज्य की सरकार तय करती ही। वैसे ज्यादतर देखा गया है कि यह राज्य की राजधानी में होता है।

सीआईडी ऑफिसर बनने के लिए योग्यता

  • सीआईडी अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • CID ऑफिसर बनने के लिए आपको कम से कम 12वीं पास होना जरुरी।
  • सीआईडी विभाग में सब इंस्पेक्टर या अधिकारी बनने के लिए स्नातक होना जरुरी है।
  • CID विभाग में कॉन्स्टेबल बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से 10वीं या 12वीं पास होना चाहिए।
  • सीआईडी अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार के पास अच्छी याददाश्त, तेज आंखें, चरित्र का अच्छा तथा समूह में काम करने की योग्यता होनी चाहिए।
  • CID का अधिकारी बनने के लिए इन सारे योग्यताओं के अलावा भारतीय सिविल सेवा परीक्षा को भी पास करना होता है जो कि हर साल संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कराई जाती है।
  • सीआईडी बनने के लिए पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते है।

सीआईडी की शाखाएं

  • CB- CID
  • Dog Squad
  • Bank Frauds
  • Missing Person Cell
  • Anti Terrorism Wing
  • Finger Print Bureau
  • Anti Human Trafficking
  • Human Rights Department
  • Anti Narcotics Cell etc.

सीआईडी अधिकारी की सैलरी

CID विभाग में कई सारी शाखाएं होती है, इन्हीं शाखाओं के आधार पर अधिकारियों को सैलरी दी जाती है। कुछ शाखाओं की सैलरी कम होती है तथा कुछ शाखाओं की सैलरी बहुत ज्यादा होती है। यदि औसतन सैलरी की बात करें तो सीआईडी विभाग में आपको 70000 रूपये से लेकर 105000 रूपये के मध्य में सैलरी दी जाती हैं।

तो अब आप जान गए होंगे कि CID Ka Full Form क्या है? उम्मीद है की आपको इस आर्टिकल में CID के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी अगर आप भी CID ज्वाइन करना चाहते है तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित होगा।

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