भारत का सबसे ऊंचा बांध कौन सा है 2022 में

आज आप इस आर्टिकल में जानेंगे कि Bharat Ka Sabse Uncha Bandh 2022 में? भारत के कई राज्यों में पानी की बहुत कमी है इस लिए बांध की सहायता से किसी भी नदी या नहर के पानी के बहाव को रोककर उसे इकट्ठा किया जाता है। बांध किसी नदी पर बना एक अवरोध होता है जो जल को बहने से रोकता है और एक झील का निर्माण करता है। बांध बाढ़ को नियंत्रित करने, सिंचाई, पानी से बिजली बनाने में, पेय जल की आपूर्ति के लिए सहायक होते हैं। इसी कारण भारत में बहुत सारे बांधो का निर्माण हुआ है। आपको बता दें कि भारत में 4000 से भी अधिक बांध है। आइए जानते हैं कि Bharat Ka Sabse Uncha Bandh 2022 में?

भारत का सबसे ऊंचा बांध कौन सा है 2022 में

भारत देश का सबसे ऊंचा टिहरी बांध है। यह उत्तराखंड राज्य के टिहरी में स्थित है। यह बांध गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी भागीरथी पर बनाया गया है। यह बांध दुनिया का पाँचवा सबसे ऊंचा बांध है। इस बांध की ऊँचाई 260.5 मीटर है, यह विश्व का आठवाँ सबसे बड़ा बांध है जिसका उपयोग सिंचाई और बिजली पैदा करने हेतु किया जाता है। इसकी लम्बाई 575 मीटर है और इसके जलाशय की क्षमता 21,00,000 एकर फुट है। साल 1972 में टिहरी बांध के निर्माण को मंजूरी मिली थी और 1977-78 में बांध का निर्माण कार्य शुरू हुया था।

देश की जनता के लिए 2006 में इसे खोल लिया गया। टिहरी बांध की कुल विधुत उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट है टिहरी जिला उच्च तीव्रता वाले भूकंप ज़ोन में आता है। इसलिए नुकसान को रोकने के लिए टिहरी बांध को रॉकफिल बांध बनाया गया है। इसके लिए बाँध की दीवार को पूरी तरह पत्थर और मिट्टी भर कर बनाया गया है। इस बांध को बनाने के लिए पुराने टिहरी शहर को जलमग्न यानि टिहरी शहर पानी में डूब गया था। इसके साथ 125 गाँवों पर भी असर पड़ा था। इस दौरान 37 गाँव पूर्ण रूप से डूब गए थे और 88 गाँव आंशिक रूप से प्रभावित हुये थे।

भारत के 10 सबसे ऊंचे और लंबे बांध

हम आपको भारत के सबसे ऊँचे और लंबे बांधो की टॉप 10 लिस्ट बताने जा रहे हैं। इस लिस्ट में भारत का सबसे ऊंचा बांध टिहरी बांध (Tehri Dam) है। आप नीचे टॉप 10 की लिस्ट देख सकते हैं।

1. टिहरी बांध (Tehri Dam)

भारत देश का सबसे ऊंचा टिहरी बांध है। यह उत्तराखंड राज्य के टिहरी में स्थित है। यह बांध गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी भागीरथी पर बनाया गया है। यह बांध दुनिया का पाँचवा सबसे ऊंचा बांध है। इस बांध की ऊँचाई 260.5 मीटर है, यह विश्व का आठवाँ सबसे बड़ा बांध है जिसका उपयोग सिंचाई और बिजली पैदा करने हेतु किया जाता है।

2. भाखड़ा बांध (Bhakra Dam)

यह हिमाचल प्रदेश बिलासपुर में सतलज नदी के पार कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है। 1963 में Hydro-power के 1,350 मेगावाट उत्पादन की क्षमता के साथ निर्माण किया गया था। भाखड़ा नंगल बांध राजस्थान, हरियाणा और पंजाब की सरकारों का joint venture है। इसका जलाशय गोबिंद सागर झील के रूप में जाना जाता है। इस बाँध को 245.28 करोड़ रुपयों में बनाया गया था।

3. हीराकुद बांध (Hirakud Dam)

इस बांध की लम्बाई 25.79 किमी और ऊँचाई 61 मीटर है। हीराकुड बांध उड़ीशा राज्य में महानदी नदी के ऊपर स्थित है। इसके जलाशय की क्षमता 47,79,965 एकड़ फीट है और इससे 347.5 मेगावाट की बिजली उत्पादित होती है। साल 1957 में इसका निर्माण हुया था। इसे बनाने में कुल लागत 1.01 बिलियन रूपये थी।

4. नागार्जुन सागर बांध (Nagarjuna Sagar Dam)

यह भारत का चौथा सबसे बड़ा बांध है और इसकी ऊँचाई 124 मीटर है। यह बाँध तेलंगाना राज्य में कृष्णा नदी पर बनाया गया है। इसकी निर्माण लागत 1300 करोड़ रुपये थी। इसके 26 गेट है और यह 1.55 किमी लम्बा है। इसकी पूरी लम्बाई 4863 मीटर है और इसके जलशाय की क्षमता 93,71,845 एकड़ फीट है।

5. सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam)

इस  बांध को गुजरात राज्य में नर्मदा नदी के ऊपर बनाया गया है। इस बांध का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखा गया है। इस बांध से केवल गुजरात को ही नहीं बल्कि इसके पड़ोसी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को भी मदद मिलती है। इसकी लम्बाई 1210 मीटर और ऊँचाई 163 मीटर है। इसके जलाशय की क्षमता 77,00,000 एकड़ फीट है और इससे 1450 मेगावाट की बिजली बनती है।

6. इंदिरा सागर बांध (Indira SagarDam)

भारत में 12.22 अरब घन मीटर की क्षमता वाला सबसे बड़ा जलाशय 2005 में नर्मदा नदी पर निर्मित बांध 92 मीटर ऊंची और 653 मीटर लंबे कंक्रीट Gravity बांध हे। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में मुंडी में स्थित यह एक बहुउद्देशीय परियोजना है। जिसे मध्य प्रदेश सिंचाई और राष्ट्रीय जलविद्युत पावर निगम के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में बनाया गया है।

7. भवानी सागर बांध (BhavaniSagar Dam)

तमिलनाडु में दूसरा सबसे बड़ा बांध और भवानी बांध के रूप में भी जाना जाता है। तमिलनाडु के ईरोड जिले में भवानी नदी पर स्थित है। 1947 के बाद भारत में शुरू की गई पहली बड़ी सिंचाई परियोजना और 1956 तक पूरी हुई। 33 मिलियन क्यूबिक फीट जलाशय की क्षमता के साथ 105 फीट की ऊंचाई है। निकटतम एयरपोर्ट कोयंबटूर 62 किलोमीटर है और ईरोड रेलवे स्टेशन 79 किमी दूर है।

8. बाणासुर सागर बांध (Banasura Sagar Dam)

भारत में सबसे बड़ा मिट्टी का बांध और एशिया में दूसरा सबसे बड़ा काबीनी नदी पर बनाया गया है। केरल के वायनाड जिले में कलपेट्टा से 21 किलोमीटर दूर स्थित है। बांध बड़े पैमाने पर पत्थरों  के ढेर से बना है। बांध शुष्क मौसम में सिंचाई और पीने के पानी की मांग को पूरा करता है।

9. मेट्टूर बांध (Mettur Dam)

मेट्टूर बांध का निर्माण तमिलनाडु के सलेम जिले में कावेरी नदी में हुआ जिसमें 120 फीट की ऊंचाई और 1700 मीटर की लंबाई है। यह सबसे बड़ा और भारत में निर्मित सबसे पुराना बांध में से एक है। तमिलनाडु में मेट्टूर बांध सबसे बड़ा और सबसे अधिक बिजली उत्पादन क्षमता है। मेट्टूर बांध टूरिस्ट के लिए  बहुत खूबसूरत जगह है, नदी प्रकृति का पता लगाने के लिए एक अद्भुत स्थल है।

10. तुंगभद्रा बांध (Tungabhadra Dam)

यह बांध कर्नाटक में सबसे प्रसिद्ध बांधों में से एक है। यह बांध लगभग 49 मीटर लंबा है। इस बांध की लंबाई लगभग 2441 मीटर है। यह बांध Earthen Gravity बांध है। यह बांध कर्नाटक में स्थित है। इस बांध की स्थापित क्षमता लगभग 72 मेगाबाइट है। यह कर्नाटक में भी एक पर्यटक स्थल है और यह पानी की कमी क्षेत्रों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने में बहुत महत्वपूर्ण है।

तो अब आप जान गए होंगे की Bharat Ka Sabse Uncha Bandh 2022 में? भारत का सबसे ऊंचा बांध टिहरी बांध है। यह उत्तराखंड राज्य के टिहरी में स्थित है। यह बांध गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी भागीरथी पर बनाया गया है। इस बांध की ऊँचाई 260.5 मीटर है। यह विश्व का आठवाँ सबसे बड़ा बांध है जिसका उपयोग सिंचाई और बिजली पैदा करने हेतु किया जाता है। इसकी लम्बाई 575 मीटर है। उम्मीद है की आपको इस आर्टिकल में सारी जानकारी मिल गई होगी।

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