DNA की खोज किसने की और कब?

आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि Dna Ki Khoj Kisne Ki DNA का फुल फॉर्म Deoxyribonucleic Acid होता है। यह एक अनुवांशिक पदार्थ है जो अपने माता-पिता से विरासत में प्राप्त, प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में मौजूद होता है। डीएनए गुणसूत्रों की संरचना में और माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिका के केंद्रक में स्थित होता है। यह प्रत्येक कोशिका के अंदर पाए जाते हैं और इसके माध्यम से माता-पिता की कुछ विशेषताओं को उनके बच्चों को दिया जाता है। यह एक प्रकार का न्यूक्लिक एसिड है जो क्रोमोसोम पर स्थित जीन का रासायनिक रूप है। त्वचा का रंग, आँखें, बालों का आकार और मनुष्य की विशेषताएं उसके डीएनए द्वारा निर्धारित की जाती हैं।

DNA एक डबल Spiral के आकार का होता है जिसे कसकर एक साथ रखा जाता है। 4 बेस जोड़े A, C, G, और T से मिलकर बने रासायनिक घटक हैं और इनमें नाइट्रोजन होता है। इस डीएनए अणु में आधारों का क्रम है जो इसमें शामिल आनुवंशिक जानकारी को निर्धारित करता है। यदि DNA को Electron Microscope से देखा जाय तो यह सीढ़ीनुमा वस्तु के समान दिखाई देता है और यह एक स्प्रिंग के जैसे मुड़ा हुआ होता है। इसमें दो Stands होते हैं जो आपस में संगठित होकर एक विशेष आकार में परिवर्तित हो जाते हैं। इन दोनो के संगठन को DNA Double Helix के नाम से जाना जाता है। यदि DNA के Structure की बात की जाय तो इसमें Phosphate, Deoxyribose Sugar तथा Nitrogen Base Pair होते हैं। दोनों शुगर Stands आपस में Nitrogen Base Pair के माध्यम से आपस में कनेक्टेड होते हैं। इसी Base Pair में Genetic गुण शामिल होते हैं, जिसे Genetic Code कहा जाता है।आइए जानते हैं कि Dna Ki Khoj Kisne Ki?

DNA की खोज किसने की?

DNA की पहचान Johann Friedrich Miescher ने 1869 में की थी। उन्होंने इसका नाम Nuclein दिया था  इसके बाद 1881 में Albrecht Kossel ने Nuclein को Nucleic Acid की तरह पाया तो इसका नाम डीऑक्सीराइबोज़ न्यूक्लिक एसिड रख दिया गया। और इसने DNA को 5 भागो में बाँट दिया एडिनाइन (ए), साइटोसिन (सी), गुआनिन (जी), थाइमिन (टी) और Uracil (यू)। इस काम के लिए इन्हें 1910 में नावेल प्राइज भी मिला। यदि DNA के आण्विक संरचना की बात की जाए तो James Watson और Francis Crick ने सबसे पहले 1951 में DNA की आणविक संरचना को पहचाना था। और इसके लिए 1962 में Watson, Crick, और Wilkins को भी नोबेल पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया।

DNA का फुल फॉर्म क्या है?

DNA का फुल फॉर्म Deoxyribonucleic Acid होता है।

DNA किससे बना होता है?

डीएनए न्यूक्लियोटाइड्स नामक रासायनिक ब्लॉकों से बना होता है। ये बिल्डिंग ब्लॉक तीन भागों से बने होते हैं। एक फॉस्फेट समूह, एक चीनी समूह और चार प्रकार के नाइट्रोजन बेस। डीएनए का एक किनारा बनाने के लिए, न्यूक्लियोटाइड्स को चेन में जोड़ा जाता है, जिसमें फॉस्फेट और चीनी समूह बारी-बारी से होते हैं।

न्यूक्लियोटाइड में पाए जाने वाले नाइट्रोजन के चार प्रकार हैं। एडेनिन (ए), थाइमिन (टी), ग्वानिन (जी) और साइटोसिन (सी)। इन ठिकानों का क्रम, या अनुक्रम, यह निर्धारित करता है कि डीएनए के एक स्ट्रैंड में क्या जैविक निर्देश निहित हैं। उदाहरण के लिए, अनुक्रम एटीसीजीटीटी नीली आंखों के लिए निर्देश दे सकता है, जबकि एटीसीजीसीटी भूरे रंग के लिए निर्देश दे सकता है। मानव के लिए पूर्ण डीएनए निर्देश पुस्तिका या जीनोम में लगभग 3 बिलियन ठिकाने और 23 जोड़े गुणसूत्रों पर लगभग 20,000 जीन होते हैं।

DNA Test का क्या मतलब है?

DNA Test एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की आनुवंशिक जानकारी का पता लगाने के लिए किया जाता है। डीएनए टेस्ट से किसी की पहचान की जा सकती है। यानी किसी के माता-पिता की पहचान करने के लिए डीएनए टेस्ट किया जा सकता है। इसके साथ, एक व्यक्ति कुछ बीमारियों के वंश और जोखिम का पता लगा सकता है।डीएनए टेस्ट कई कारणों से किया जाता है। जैसे व्यक्तिगत अनुनय और कानून, जैसे कि बाल सहायता, बाल हिरासत, गोद लेने, आप्रवास, विरासत, और फोरेंसिक मुद्दे, वंशानुगत निदान, बलात्कार, हत्या, आदि।

DNA से जुड़े रोचक तथ्य

  • केवल 1 ग्राम DNA 700 Terabyte तक की जानकारी Store कर सकता है।
  • DNA हर कोशिका में होता है ये कोशिका के अंदर 0.09 माइक्रोमीटर की जगह घेरता है मगर इसे फैलाया जाये तो ये 1.8 मीटर लम्बा होगा।
  • एलेक जेफ्रीज ने 1984 में किसी संयोग की तरह डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की खोज की. उन्होंने जाना कि हर इंसान के डीएनए का पैटर्न भी बिल्कुल अलग होता है. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की उन्होंने एक तस्वीर तैयार की जो बारकोड की तरह दिखती है। जिससे दो व्यक्ति के DNA की समानता का पता लगाया जा सकता है।
  • DNA का परीक्षण खून, गाल की कोशिका और मूत्र के सैंपल से किया जाता है।
  • सबसे पहले स्विस के चिकित्सक फ्रैड्रिक मॉइस्चर ने 1869 में DNA का पता लगाया था, मगर उस समय उन्हें ये पता नहीं था की DNA ही Genetic Material है।
  • DNA (Deoxyribonucleic Acid) किसी भी जीवित कोशिका में पाया जाने वाला गुणसूत्र है।

तो अब आप जान गए होंगे कि कि Dna Ki Khoj Kisne Ki DNA की पहचान Johann Friedrich Miescher ने 1869 में की थी। उन्होंने इसका नाम Nuclein दिया था  इसके बाद 1881 में Albrecht Kossel ने Nuclein को Nucleic Acid की तरह पाया तो इसका नाम डीऑक्सीराइबोज़ न्यूक्लिक एसिड रख दिया गया।

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